Mosquito net | गायों के लिए इतनी बड़ी मच्छरदानी आपने कभी नहीं देखी होगी

गायों के लिए इतनी बड़ी मच्छरदानी आपने कभी नहीं देखी होगी |sahiwal cows | mosquito net

गौ माँ से भला कौन प्रेम नहीं करता? भारत के दिल में गौ बसी हुई है। हर गौपालक अपनी गौ cows को सुखी रखने के लिए हर संभव प्रयास करता है। बदले में गौ उसको धन, वैभव और पता नहीं क्या-क्या प्रदान कर देती है। कामधेनु गौशाला भी गौ माँ को सुखद माहौल देने के लिए हर सम्भव प्रयास करती है। इन्ही प्रयासों में हमारा एक और प्रयास गौ माँ को बदलते मौसम की विकट परस्थितियों से बचाने के लिए है जिसके बारे में हम आपको इस ब्लॉग में बताने जा रहे हैं।

पंजाब में पैदा होने वाले मच्छर की समस्या

पंजाब में गर्मी का मौसम काफी मुश्किलों भरा होता है। गर्मी के साथ-साथ पंजाब में धान की फसल उगने के कारण खेतों में हमेशा पानी खड़ा रहता है। खड़ा पानी कई तरह के मक्खी-मच्छर को जन्म देता है। यह मच्छर इन दिनों गौ को बहुत परेशान करते हैं। यह मच्छर खून ही नहीं चूसता बल्कि अजीब से ढंग से गौ को काटता है। इसके डंक से परेशान गौ सारी रात सो नहीं पाती। इस बारीक़ से दिखने वाले मच्छर की संख्या लाखों-करोड़ों की होती है। यह इकट्ठे गौ और गौ के बछड़ों-बछड़ियों को काटते हैं। सारी रात न सोने के कारण गौ के हालत बड़ी चिंताजनक हो जाती है। गौ का दूध भी कम हो जाता है। उसको कई किस्म की बीमारियां भी लग जाती हैं।

कामधेनु गौशाला ने मच्छरों से गायों को बचाने के लिए नया तरीका खोजा

कामधेनु गौशाला kamdhenu gaushala में आज से कई साल पहले जब यह समस्या सामने आई तो यहाँ के सेवादारों ने अनेक तरह के प्रबंध करने शुरू किये थे। जैसे कि उपलों का धुआँ, स्प्रे का धुआँ, पंखों का प्रबंध करना, दवाई का छिड़काव करना आदि। लेकिन इन सब प्रयासों को करने के बाद भी यह मच्छर जा नहीं रहा था। लगभग सभी प्रयास विफल हो चुके थे।

तभी गुरुदेव की कृपा से मच्छरदानी mosquito net का सुझाव दिमाग में आया। घर में 2-4 लोगों के लिए तो मच्छरदानी सभी लगाते हैं लेकिन 800 गायों के लिए मच्छरदानी लगाई जाये यह अपने आपमें न होने वाला कार्य लग रहा था। लेकिन जब इरादा नेक हो और कार्य निष्काम भाव से किया जाना हो तो प्रभु अपने आप ही मार्ग बना देते हैं।

ऊपर से कामधेनु गौशाला की मच्छरदानी का दृश्य

मच्छरदानी को लगाना बड़ी चनौती

सबसे पहली चुनौती यह थी कि इतने बड़े sheds और बाड़ों के लिए मच्छरदानी को कहाँ से ख़रीदा जाये? कई जगह पर पता करने के बाद पता चला की पंजाब में एक-दो शहरों में इतनी बड़ी मच्छरदानी मिल सकती है। सेवादार वहां गए और मच्छरदानी के बड़े-बड़े थान खरीद कर लाये। लाखों रुपए इस कार्य के लिए लगे। हर साल गौशाला के प्रमुख सेवादार आपस में बैठकर पहले परामर्श करते हैं कि मच्छरदानी को कैसे लगाना है। सबकी सलाह होने के बाद जो सही तरीका होता है उसी के अनुसार मच्छरदानी लगाने का निर्णय लिया जाता है।

अब दूसरी चुनौती इतनी बड़ी मच्छरदानी को सिलने की होती है। कोई सदाहरण दर्जी इस कार्य को नहीं कर सकता, इसके लिए विशेष दर्जी की नयुक्ति करना अनिवार्य होता है। इस कार्य के लिए अलग से सिलाई मशीन खरीदी जाती है। कई दिनों तक सिलाई मशीन के साथ मच्छरदानी को सिला जाता है। एक तरफ तो सिलाई वाला काम चल रहा होता है और दूसरी और बड़े-बड़े पोल्स को धरती में मजबूती से गाड़ दिया गया था। उन पोल्स पर पतली तारों का जाल बुनने का कार्य भी साथ-साथ चलता रहता है।

छोटी बछड़ियों के लिए लगी मच्छरदानी

एक मुकर्रर दिन पर मच्छरदानी को उन तारों पर चढ़ाना होता है। यह कार्य बहुत ही समझदारी वाला होता है। अगर चूक हुई तो मच्छरदानी फट सकती है। सारी मच्छरदानी को तारों के ऊपर बिछा दिया जाता है। सेवादारों की कोशिश रहती है कि कोई ऐसी जगह न छोड़ी जाये जहाँ से मच्छर अंदर जा सके। गौ माँ को सकूँ की नींद आ सके इसके लिए सब प्रबंध किये जाते हैं।

गौ माँ की ख़ुशी हमारी ख़ुशी है

अगर गौ माँ रात भर मच्छरों से परेशान रहेगी तो हमें नींद नहीं आ पायेगी। गौ की प्रसन्नत्ता ही हमारी प्रसन्नत्ता है। गौ माँ हमें बोल कर तो नहीं कह सकती कि मुझे मच्छर तंग कर रहे हैं, कोई प्रबंध करो, लेकिन हमें तो सब दिख रहा है। इसलिए हमें गौ की ख़ुशी के लिए हर तरह का प्रबंध करके रखना चाहिए। हमारे यहाँ लगभग 3 महीनों के लिए मच्छरदानी लगाई जाती है। अगर किसान गर्मी की इन दिनों में मच्छरदानी का प्रबंध नहीं करेगा तो गौ को कई तरह की बीमारियां लग सकती हैं। उसकी दूध देने की क्षमता भी कम हो सकती है। हर तरह से किसान का नुकसान हो सकता है। इस लिए हम इन दिनों मच्छरदानी का प्रबंध जरूर करें।

एक बार में ली गई मच्छरदानी अच्छी संभाल होने पर 3-4 साल काम दे जाती है। आपको कामधेनु गौशाला का मच्छरदानी वाला प्रबंध कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

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